पेड़ लगाओं

पेड़ लगाइन

आवा गहना सजाइन,
अपन धरती बर पेड़ लगाइन।
पेड़ पौधा अउ रुख राई,
आवा मिलके सबो भाई|
नवा चेतना हमन जगाइन,
गहना सजाइन
अपन धरती बर पेड़ लगाइन|
पेड़ ल अपन बेटा मानव,
बेटा जैसे ओला सवारव|
वो ह अइसनहा बेटा बनही,
जेन ह निस्वार्थ ,
दुःख पीरा ल हरही।
आवा अब मत लजाइन |
गहना सजाइन
अपन धरती बर पेड़ लगाइन|
पेड़ लगाये म पुन मिलथे,
जड़ी बूटी फल फूल मिलथे|
आवा पेड़ के गुन ल गाइन।
गहना सजाइन
अपन धरती बर पेड़ लगाइन।
गुरतुर गुरतुर फर,
महमहावत फूल हे|
आवा मिल के मीठ मीठ खाइन,
गहना सजाइन
अपन धरती बर पेड़ लगाइन।
पेड़ ह पानी ल लाथे।
जब संसार ह सुखा जाथे।
भूमि ल कटे ले बचाथे।।
अपन नदी नरवा ल मत सुखवाईन।
गहना सजाइन 
अपन धरती बर पेड़ लगाइन।।

डॉ. प्रदीप निर्णेजक



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